गजरौला में बिना अनुमति धरने पर पुलिस ने रोका, उर्वशी और मुकेश चौधरी ने लगाया दमनकारी नीति का आरोप
गजरौला, अमरोहा | JPN7 NEWS
अमरोहा के गजरौला में शुक्रवार को जौहर यूनिवर्सिटी के समर्थन में आयोजित किए जा रहे एक विरोध प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के नेता मुकेश चौधरी और पूर्व जिला पंचायत सदस्य उर्वशी चौधरी को पुलिस ने बिना अनुमति धरना देने से रोक दिया। इस दौरान मौके पर कुछ समय के लिए पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मुकेश चौधरी अपने समर्थकों के साथ गंगा प्याऊ मंदिर परिसर पहुंचे थे। प्रदर्शनकारियों के हाथों में जौहर यूनिवर्सिटी, आजम खान और अब्दुल्ला आजम के समर्थन में तख्तियां थीं और वे नारेबाजी कर रहे थे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और प्रशासनिक अनुमति न होने का हवाला देते हुए धरना शुरू नहीं होने दिया। पुलिस ने धरने के लिए बिछाई गई दरी भी हटवा दी।
इस दौरान उर्वशी चौधरी और मुकेश चौधरी ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध को रोकना सरकार की दमनकारी नीति को दर्शाता है। उनका कहना था कि जनता की आवाज को दबाया जा रहा है और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है। यह आरोप प्रदर्शनकारियों का पक्ष है।
वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार के धरना-प्रदर्शन के लिए पूर्व अनुमति आवश्यक होती है। अनुमति के अभाव में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से प्रदर्शन को रोका गया। प्रशासन ने अपील की कि सभी लोग कानून का पालन करें और शांति बनाए रखें।
उधर, जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर उत्तर प्रदेश में राजनीतिक माहौल लगातार गर्म बना हुआ है। समाजवादी पार्टी के कई नेता और सांसद विश्वविद्यालय के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि राज्य सरकार का कहना है कि इस मामले में सभी कार्रवाई कानून के अनुसार की जा रही है और किसी प्रकार की बदले की भावना से कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
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